Samanya Hindi Evam Sankshipt Vyakaran
सामान्‍य ​हिन्‍दी एवं सं​क्षिप्‍त व्‍याकरण

सभी प्र​तियो​गिता परीक्षाओं के लिए उपयोगी
Samanya Hindi Evam Sankshipt Vyakaranसामान्‍य ​हिन्‍दी एवं सं​क्षिप्‍त व्‍याकरण

Author: Dr. Braj Kishor Prasad Singh डॉ. ब्रज ​किशोर प्रसाद ​सिंह
Format: Paperback
Language: Hindi
ISBN: 9788178061764
Code: 9379B
Pages: 279
List Price: US$ 6.00
Price: US$ 4.80   You Save: US$ 1.20 (20.00%)

Publisher: Unicorn Books
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आजकल सामान्‍य ​हिन्‍दी और व्‍याकरण की ऐसी पुस्‍तकों का अभाव है, ​जिसमें समस्‍त प्र​तियो​गिता परीक्षाओं तथा ​विश्‍व​विद्यालयी स्‍तर के ​विद्या​र्थियों के ​लिए एक सरल, सुबोध और सं​​​क्षिप्‍त ​विवरण उपलब्‍ध हो, ​जिसे पढ़कर ​बिना तनाव व ​चिन्‍ता के ​विद्यार्थी अध्‍ययन कर सकें.    
प्रस्‍तुत पुस्‍तक में लेखक ने भाषा क्‍या है, बोली व भाषा में अंतर क्‍या है, ​हिन्‍दी शब्‍द की उत्‍प​​​​​​​​त्ति​​ कैसे हुई, ​हिन्‍दी भाषा का ​विकास और प्रसार देश के ​विभिन्‍न भागों में कैसे हुआ, वर्तनी की अशु​​​​द्धियॉं, तत्‍सम–तद्भव शब्‍द क्‍या हैं, रस–छंद–अलंकार व शब्‍द श​क्तियॉं क्‍या हैं, इन्‍हें कैसे समझें व ​लिखें, भाषा में व्‍याकरण का क्‍या महत्‍व है आ​दि ​विषयों का समु​चित, सांगोपांग, सरल व सं​क्षिप्‍त प​रिचय ​दिया गया है. ​हिन्‍दी के ​​विद्या​र्थियों, प्र​तियो​गिता प​रीक्षाओं में बैठने वाले प्र​तियो​​​गियों   के ​लिए यह पुस्‍तक ‘सागर में गागर’ के समान है. इसे ​हिन्‍दी के अध्‍येता अवश्‍य पढे़.

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About the Author(s)

१९५१ में बिहार में जन्‍मे डॉ. ब्रज किशोर प्रसाद सिंह, एक अंगीभूत महाविद्यालय में हिन्‍दी के प्राध्‍यापक हैं और उस महाविद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य भी. काव्‍य रचना में उनकी विशेष अभिरुचि है. उनकी मुक्‍तक कविताओं का एक संग्रह ‘भ्रष्‍टाचार भैरवी’ प्रकाशित हो चुका है. इसके अतिरिक्‍त हिन्‍दी निबंध और हिन्‍दी व्‍याकरण की विभिन्‍न शैक्षणिक पुस्‍तकें भी प्रकाशित हो चुकी हैं. दैनिक अखबारों और पत्रिकाओं में छोटी–छोटी रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं. बहुत समय से शिक्षण एवं परीक्षाओं से सम्‍बद्ध रहने के कारण इनके पास निजी और व्‍यावहारिक अनुभव का भंडार है, जिसे वह लेखन के माध्‍यम से पाठकों को बॉंटते रहते हैं.

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