Hindi Shabdkosh
हिन्दी शब्दकोश

हिन्दी भाषा का आधुनिक़, प्रामाणिक एवं स्तरीय शब्दकोश
Hindi Shabdkoshहिन्दी शब्दकोश
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Author: Dr. Sachidanand Shukla & Lakshmikant Upadhyaya डॉ. सच्चिदानन्द शुक्ला और लक्ष्मीकान्त उपाध्याय
Format: Paperback
Language: Hindi
ISBN: 9788178062167
Code: 9713F
Pages: 795
List Price: Rs. 600.00
Price: Rs. 420.00   You Save: Rs. 180.00 (30.00%)

Publisher: Unicorn Books
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प्रस्तुत शब्दकोश की विशेषताएँ
प्रत्येक शब्द का विस्तृत अर्थ, शब्द का सन्दर्भ स्रोत।
शब्द का विशिष्ट प्रयोग तथा उनसे सम्बन्धित मुहावरे।
शब्द के प्रत्येक वर्ण के आरम्भ का वर्णमाला में स्थानक्रम तथा उच्चारण स्थान का परिचय।
अनेक भाषा में प्रयुक्त होकर जिस शब्द के अनेक अर्थ हैं, उनको स्पष्ट करने के लिए 1, 2, 3 आदि चिह्न देकर उनका तत्सम्बन्धी भाषायी अर्थ दिया गया है।
संस्कृत भाषा से आये तत्सम शब्दों, हिन्दी के तद्भव, देशी, विदेशी शब्दों, जिनका उपयोग हिन्दी में लिखने, बोलने व व्यवहार में बहु–प्रचलित है जैसे - अँग्रेजी, अरबी फारसी, फ्रांसीसी आदि भाषाओं के शब्दों का भी समावेश यथास्थान किया गया है।
विभिन्न विषयों के पारिभाषिक तकनीकी व सरकारी कार्यालयों में प्रयुक्त होने वाले शब्दों का संकलन किया गया है।
प्रस्तुत शब्दकोश में तत्सम, तद्भव तथा देशी–विदेशी शब्दों को मिलाकर लगभग 3 लाख 48 हजार शब्द तथा अर्थ और उनसे सम्बन्धित मुहावरों का यथास्थान समावेश किया गया है।
प्रस्तुत शब्दकोश में वर्तनी के रूप, मात्रा कवर्ग और चवर्ग की मात्राओं में ही अनुस्वार का उपयोग किया गया है। शेष टवर्ग, तवर्ग और पवर्ग में, उस वर्ग के पंचम् वर्ण के हलन्त का उपयोग किया गया है। यथास्थान अनुनासिक मात्राओं का भी समावेश किया गया है।

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About the Author(s)

डॉ. सच्चिदानन्द शुक्ल ने गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर से हिन्दी साहित्य में एम.ए., काशी विद्यापीठ, वाराणसी से हिन्दी साहित्य में पी.एच.डी. तथा हिन्दी साहित्य सम्मेलन, इलाहाबाद से संस्कृत विषय में साहित्य रत्न एवं आयुर्वेद रत्न की उपाधियॉं प्राप्त कीं। 1980 से 1986 तक हिन्दी प्रवक्ता के रूप में कार्य किया। तत्पश्चात् 1986 से 1995 तक दैनिक ‘स्वतन्त्र चेतना’ गोरखपुर, दैनिक ‘आज’ बरेली व आगरा तथा दैनिक ‘भास्कर’ झॉंसी व ग्वालियर के सम्पादकीय विभाग में विभिन्न पदों पर कार्य किया। हरिद्वार से प्रकाशित ‘दूधाधारी–वचनामृत’ आध्यात्मिक (मासिक पत्रिका) के सम्पादक के रूप में नौ वर्ष तक कार्य किया। इसके अतिरिक्त हिन्दी पाक्षिक ‘वाग्धारा’ मासिक ‘वन्दना’ व द्विमासिक ‘भाजपुरी सनेस’ व ‘भोजपुरी ऑगन’ का प्रकाशन व सम्पादन किया है। एक हजार से अधिक रचनाएं विभिन्न पत्र–पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं।
‘नाथद्वारा साहित्य मण्डल’ नाथद्वारा, चित्तोड़ द्वारा ‘सम्पादक शिरोमणि सम्मान’से सम्मानित। हिन्दी साहित्य व हिन्दूलॉजी विषयक लेखों व पुस्तकों के शोधपरक लेखन में विशेष रुचि।

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